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कार से 4.523 किलो चरस बरामद, दंपती समेत तीन गिरफ्तार

बिलासपुर में नाकाबंदी के दौरान कार से 4.523 किलो चरस बरामद
नेपाल निवासी दंपती समेत तीन लोग गिरफ्तार, घुमारवीं थाने में NDPS एक्ट के तहत केस
चरस की सप्लाई के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज खंगाल रही पुलिस


बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम (SDT) ने बड़ी कार्रवाई की है। बलोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक कार की तलाशी लेकर 4.523 किलोग्राम चरस बरामद करने का दावा किया है। मामले में नेपाल निवासी दंपती समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के बाद बरामद नशीले पदार्थ को कब्जे में ले लिया गया है और तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में चरस कहां से लाई गई थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

बलोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाकाबंदी के दौरान पकड़ी गई कार

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम ने नशे की तस्करी पर रोक लगाने के लिए बलोह-मल्यावर लिंक रोड के पास नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान टीम ने एक कार को जांच के लिए रोका।

पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली तो उसमें सवार तीन लोगों के कब्जे से कुल 4.523 किलोग्राम चरस बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

कार से इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अब जांच का फोकस केवल बरामद चरस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

नेपाल निवासी दंपती समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें विश्वास उर्फ विशाल थापा (32) निवासी लुंबिनी, नेपाल, उसकी पत्नी और घनश्याम (25) निवासी गुराण, तहसील बालीचौकी, जिला मंडी शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक तीनों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद चरस आरोपियों तक किस माध्यम से पहुंची और इसकी आगे सप्लाई किसे की जानी थी।

फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

चरस कहां से आई और कहां जानी थी, जांच में जुटी पुलिस

मामले में पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा चरस की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीला पदार्थ आरोपियों को कहां से मिला और इसे आगे किस स्थान या व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।

जांच में संभावित सप्लायर, डिलीवरी चैनल और आगे के खरीदारों से जुड़े सुरागों को खंगाला जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

यदि जांच में किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो आने वाले समय में इस मामले में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।

घुमारवीं थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

पुलिस ने बरामद चरस को जब्त करने के बाद पुलिस थाना घुमारवीं में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब मामले में बरामद नशीले पदार्थ की जांच, आरोपियों से पूछताछ और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड पर लिया जा रहा है।

पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। नाकाबंदी के दौरान हुई कार्रवाई से यह भी साफ है कि पुलिस अब मुख्य सड़कों के साथ लिंक रोड और संभावित तस्करी मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा रही है।

बड़ी मात्रा में बरामदगी के बाद नेटवर्क पर पुलिस की नजर

4.523 किलोग्राम चरस की बरामदगी के बाद पुलिस की नजर अब उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो कथित तौर पर इस सप्लाई चैन से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों की यात्रा का उद्देश्य क्या था और चरस को किस गंतव्य तक ले जाया जा रहा था।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कितने लोग शामिल थे और नशीले पदार्थ की पूरी सप्लाई चेन कितनी लंबी है। फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ा दी है।

नशे के खिलाफ अभियान में पुलिस की कार्रवाई जारी

हिमाचल प्रदेश में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। बिलासपुर में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस का प्रयास है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले स्रोतों और उनके नेटवर्क तक पहुंचकर तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़ा जाए।

अब इस मामले में आगे की जांच से यह सामने आएगा कि बरामद चरस की सप्लाई कहां से हुई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंकेज की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में है।